वन्दे मातरम् 150 जिले में हुआ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजनशहीद स्मारक पर पुष्पांजलि से हुई कार्यक्रमों की शुरूआत, सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने दी प्रस्तुतियां

सिरोही 8 नवम्बर (हरीश दवे) ।

राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर देशभक्ति, स्वदेशी एवं राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने के लिए शनिवार को जिला स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। शहीद स्मारक पर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की व राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में वंदे मातरम का गायन भी किया गया। इसके पश्चात् वन्देमातरम प्रभात फेरी को सांसद लुंबाराम चौधरी एवं जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित सहित अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वन्दे मातरम् प्रभात फेरी शहर के विभिन्न मार्गाे से होते हुए अंत में रा.उ.मा.वि. नवीन भवन में सम्पन्न हुई।
वन्दे मातरम् गीत के साथ हाथों में तिरंगा लिए हुए जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी व शहर के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में वंदे मातरम् प्रभात फेरी से शहर का वातावरण देश भक्ति से ओतप्रोत हो गया। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ राजेश गोयल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश चंद अग्रवाल, उपखंड अधिकारी हरिसिंह देवल, तहसीलदार जगदीश विश्नोई, महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक अंकिता राजपुरोहित, समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र कुमार पुरोहित, आशुतोष आचार्य समेत भाजपा के कुछ जिला पदाधिकारी व पार्षद उपस्थित थे। भाजपा प्रदेश संगठन द्वारा भी वंदेमातरम अभियान को लेकर प्रभारी नियुक्त किये गये है जिसमें प्रभारी छगन घांची, भाजपा संगठन पदाधिकारी कार्यकर्ता व आमजनता की सहभागिता दर्ज नही करा पाये लेकिन शहर के विभिन्न मार्गो से निकली वंदेेमातरम रैली से नगरवासी भी अभिभूत हो गये।

रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन
इस दौरान जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित ब्लड बैंक में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन भी हुआ। जिसमें विभिन्न अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने रक्तदान किया तथा अन्य को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान पीएमओ विरेन्द्र महात्मा, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य श्रवण मीणा, ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. विजय चौधरी सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम
वन्दे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर राजकीय पीजी कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित ने सभी को वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी। उन्होंने गीत के इतिहास के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि देश और राज्य में भारतीयता से ओतप्रोत सरकार के नेतृत्व में सभी लोग राष्ट्र निर्माण में अग्रसर भूमिका निभा रहे है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् ने पूरे देश को एक माला में पिरोने का काम किया है। उन्होंने सभी से राष्ट्रगीत गाने और इसकी भावना को समझने की अपील की तथा कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा दी गई देश भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों की सराहना की।
इससे पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश चंद अग्रवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. राजेश गोयल ने कहा कि वन्देमातरम केवल एक गीत नहीं पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने का भाव है,और हमारी भारतीयता की पहचान है। उन्होंने बताया कि देश में अभी दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी समानांतर चल रहे हैं। जिसमें जनजातिय गौरव वर्ष के पखवाडे के तहत भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, वहीं सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष में भी विभिन्न कार्यक्रम, पदयात्रा एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन हो रहा है। उन्होंने इस दौरान सभी को स्वदेशी संकल्प भी दिलवाया। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने ओडिसी नृत्य, वंदे मातरम् पर आधारित कविता, गीत की प्रस्तुतियां भी दी। वहीं नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा महापुरूषों व स्वतंत्रता सेनानीयों पर आधारित वेशभूषा पहनकर प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में जिला सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय तथा नगरपरिषद सिरोही के समन्वय से कॉलेज परिसर में वंदे मातरम् की जानकारी के संबंध में लगाई गई प्रदर्शनी का भी आगन्तुकों ने अवलोकन किया। इस दौरान परिसर में लगाए गए स्वदेशी संकल्प पत्र के बैनर पर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिस पर जनप्रनिधियों एवं अधिकारियों सहित आगन्तुकों ने हस्ताक्षर किए।
इस दौरान उपखंड अधिकारी हरिसिंह देवल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित, महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक अंकिता राजपुरोहित, कॉलेज प्राचार्य अजय शर्मा, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक सहीराम विश्नोई, गणपत सिंह राठौड़, छगनलाल घांची सहित अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन राकेश पुरोहित ने किया।




संपादक भावेश आर्य



