जिलाध्यक्ष को लेकर कांग्रेस संगठन में घमासानकिसके सिर पर सजेगा ताज

सिरोही 26 अक्टुबर (हरीश दवे) ।

कांग्रेस को मजबूत करने की कवायद सृजन अभियान के तहत देश भर में की जा रही है व प्रदेश में कांग्रेस जिलाध्यक्षो की घोषणा भी नवम्बर माह में हो सकती है।
जिसके तहत गत दिनों कांग्रेस के पर्यवेक्षक परेश धनानी सिरोही जिले में कोंग्रेस संगठन की बैठकों में कार्यकर्ताओं से फीडबैक ले के गए जिसमे करीब 40 आवेदकों ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष की दावेदारी चयनित पैनल के नाम पर पीसीसी व आईसीसी में विचार विमर्श हो रहा है।
कांग्रेस संगठन ने जिलाध्यक्ष की आयु सीमा 50 वर्ष की निर्धारित करने से अनेक दावेदारों के अरमानों पर पानी फिर गया हो, पर पर्दे के पीछे पूर्व सीएम सलाहकार संयम लोढा, राज्यसभा सांसद नीरज डांगी, विधायक रतन देवासी व कांग्रेस के लोकल क्षत्रप अपने अपने खेमे से जिलाध्यक्ष बनाने को लेकर लामबंदी कर रहे है। वर्तमान में कांग्रेस का मौजूदा संगठन जिले में विपक्ष की भूमिका निभा पाने में असमर्थ है व जितने भी आंदोलन ज़न समस्याओ को लेकर हुए उसमे पूर्व विधायक संयम लोढा की ही सक्रियता रही। इससे पूर्व गत विधानसभा चुनावों में संयम लोढा की हार से कांग्रेस संगठन को करारा झटका लगा व रेवदर सीट पर कांग्रेस ने भाजपा के दिग्गज विधायक जगसीराम कोली को भाजपा की फुट से शिकस्त मिली व आबू पिंडवाड़ा में भाजपा के विधायक समाराम गरासिया ने भाजपा की मुश्किल से साख बचाई जहां बीटीपी भाजपा व कांग्रेस दोनो की राजनीतिक हालत बिगाड रही है।
अब कांग्रेस के सामने चुनोती आगामी पंचायतीराज चुनावो भाजपा से सिरोही की जिला परिषद व पिंडवाड़ा, रेवदर व शिवंगज, सिरोही की पंचायत समिति पर कांग्रेस का परचम बरकरार रखते हुए सिरोही व शिवंगज की लोकल बॉडी में कांग्रेस का बोर्ड बरकरार रखते हुए पिंडवाड़ा, आबूरोड व माउंट आबू की नगर पालिकाओ पर कांग्रेस का परचम लहराना है पर गुटबाजी में विभक्त कांग्रेस संगठन में कोई मजबूत पृष्टभूमि के जिलाध्यक्ष के बगैर यह संभव नही है।
कांग्रेस संगठन में जिस प्रकार से आवेदन आये है उनमें चन्द जनो को छोड़ जिला कांग्रेस संगठन में कोई व्यापक जनाधार नही है। कांग्रेस का एक बहुत बड़ा खेमा पूर्व विधायक संयम लोढा को जिलाध्यक्ष के रूप में देखना चाहता है जो कांग्रेस संगठन को जिले में मजबूती दे सकते है।
मौजूदा जिलाध्यक्ष आनन्द जोशी भी अपने जिलाध्यक्ष पद को कायम रखना चाहते है व गहलोत खेमे के वरिष्ठ कांग्रेसी राजेन्द्र सांखला की भी प्रबल दावेदारी है व कांग्रेस की भितरघात से गत लोक सभा चुनाव हारे सीएम पुत्र वैभव गहलोत भी जालोर व सिरोही के नए जिलाध्यक्ष के चुनावों में खासी दिलचस्पी ले रहे है। कांग्रेस संगठन में इस बार ओबीसी या राजपूत जिलाध्यक्ष बनने की बलवती सम्भावना में वरिष्ठ व दबंग कांग्रेस नेता हरीश चौधरी, पुखराज गहलोत, महिला नेत्री हेमलता शर्मा, संध्या चौधरी के अलावा युवा नेता भवानी सिंह भटाना, राजेन्द्र सिंह जाखोड़ा व हरीश रुखाडा की दावेदारी में लॉबीइंग करने वाले कांग्रेसी जयपुर से दिल्ली तक नए जिलाध्यक्ष के लिए हाथ पांव मार रहे है। जिसका रिजल्ट कांग्रेस संगठन की घोषणा के बाद नवम्बर में ही आएगा।




संपादक भावेश आर्य



