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सज्जन शक्ति की सक्रियता और संगठन से भारत बनेगा विश्व गुरु योगेन्द्र कुमार’*


सिरोही(हरीश दवे) ।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र के सह संपर्क प्रमुख योगेंद्र कुमार ने कहा कि देश के सज्जन लोगों को सक्रिय होने एवं संगठित होने की आवश्यकता है सज्जन शक्ति की सामूहिक शक्ति के आधार पर ही भारत पुनः विश्व गुरु बन सकता है । वे गुरुवार को देर शाम को आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी में सिरोही नगर के प्रबुद्ध जनों को संबोधित कर रहे थे ।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष विजयदशमी पर अपने 100 वर्ष पूरे करेगा 100 वर्ष के एक लंबे कालखंड में संघ की यात्रा के विभिन्न आयामों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि संघ की यात्रा केवल संगठनात्मक नहीं है, बल्कि यह एक विचारधारा की यात्रा है, जो समाज के हर वर्ग को एकजुट कर भारत को सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से एक सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्यरत है। उन्होने कहा कि हज़ार वर्षों के सतत् संघर्ष के उपरांत जनमानस में व्याप्त हताशा निराशा के भाव को स्व में बदलकर स्वाधीनता आंदोलन की प्रेरणा दे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समाज को दिशा दिखाने एवं व्यकित निर्माण की पद्धति देश में किस तरह विकसित हो का विचार करं 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। उन्होंने संघ के माध्यम से एक ऐसे समाज का निर्माण करने का संकल्प लिया, जो देश और समाज के लिए जी सके।
उन्होने कहा कि 1947 से पूर्व ओर आज के वर्तमान के समय में संघ के काम की जब तुलना करते है तो आज देश भर में 55 हजार से अधिक स्थानो पर 70 हजार से ज्यादा संघ की शाखाएं लग रही है जिसमें व्यक्ति निर्माण का कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का लक्ष्य भारत को वैभव संपन्न बनाना है। इसके लिए शिक्षा, विद्यार्थी, राजनीती, मजदूर, वनवासी समाज, किसान आदि क्षेत्रों में भारत के शाश्वत् राष्ट्रीय विचार से प्रेरित विविध संगठन आरम्भ हुए।
उन्होने कहा कि संघ की शाखा सभी मत पंथ या संप्रदाय के लोगों के लिए खुले है। सभी भारत माता को मातृभूमि मानें और उसके प्रति सम्मान रखें। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक कल्याण के लिए कार्यरत है। जनजाति क्षेत्रों में वनवासी कल्याण आश्रम, सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमाजन कल्याण समिति और शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती काम कर रही है। पहले यह धारणा थी कि हिंदू समाज को संगठित करना कठिन है। लेकिन आज हिंदू समाज समरस और एकजुट हुआ है। रामसेतु के संकट या अमरनाथ श्राइन बोर्ड हो या हिन्दू आस्था या समाज पर आए संकट का सब ने संगठित होकर उसका प्रतिकार किया और अपनी एकता और जागरूकता का परिचय दिया है।
उन्होने कहा कि हिन्दूत्व से विश्व का कल्याण है संघ जब हिंदू, हिंदुत्व और हिंदू राष्ट्र के बारे में जब बात करता है तो उसका मतलब सारे विश्व के कल्याण की मंगलकामना ,सभी लोग सुखी हो सर्वे भवन्तु सुखिः हो का भाव होता है । कुछ दुर्जन शक्तियां हिन्दुत्व के नाम पर दुष्प्रचार कर हिन्दु समाज को जातियो में बांटने का प्रयास कर ही है किन्तु सज्जन शक्ति उनके इस कूकृत्य को सफल नहीं होने दे रही है उसकी पीढा अलग अलग मोके पर उन लोेगो की सामने आती है ।
उन्होने कहा कि अलग अलग कालखण्डो में महापुरूषों ने देश में अपने कार्यों से स्व के भाव का जागरण कर समाज व धर्म को आगे ले जाने का कार्य किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी यही कार्य कर रहा है। उन्होने कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ रही है आज सैन्य, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भारत एक महाशक्ति के रूप में उभरा है। सर्जिकल स्ट्राइक, कोरोना काल में वैक्सीन उपलब्धता का विश्वव्यापी प्रसार भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है। भारत को कमजोर करने के लिए विदेशी षड्यंत्रकारी सक्रिय है वे देश में सोशल मीडिया के माध्यम से जातिवाद, सांप्रदायिकता और सांस्कृतिक विभाजन जैसे मुद्दों का दुष्प्रचार कर रहे है। सनातन विरोधी विदेशी ताकतें भारत की संस्कृति और सनातन जड़ों को कमजोर करने में लगी हुई हैं। वर्तमान में इस चुनौती के समाधान के लिए हम सभी संगठित रह कर सामाजिक समरसता को बनाये रखने का प्रयास करना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संघ चालक डॉ जगदीश आर्य के सानिध्य में एवं जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह आढा़ कीे अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी में प्रबुद्ध जनो के प्रश्नो के भी सह संपर्क प्रमुख योगेंद्र कुमार ने जवाब दिये । कार्यक्रम से पूर्व भारत माता की तस्वीर के समक्ष अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन किया।

संपादक भावेश आर्य

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