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ओडीके एप के माध्यम से होगी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम

सिरोही(हरीश दवे) ।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर मॉनीटरिंग कर आमजन को बेहतर सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम व बचाव के लिये तथा राज्य में मच्छरों के प्रजनन स्थलों पर ब्रीडिंग रोकने के लिये राज्य में नवाचार अन्तर्गत ओडीके एप (ओडीके एप-वैक्टर बोर्न डिजीज, ओडीके एप-सुधार, ओडीके एप-मरूधर) बनाये गये हैं।

राजस्थान सरकार के दिशा-निर्देशों की पालना में अर्न्तविभागीय समन्वय के साथ समयबद्ध निस्तारण हेतु श्रीमान जिला कलक्टर, शुभम चौधरी सिरोही की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटी गठित की गई है। इस एप के माध्यम से उक्त गठित कमेटी के सदस्य उनके विभाग से संबंधित कमीयों की सूचना प्राप्त होने के 48 घण्टों में निस्तारण कर श्रीमान जिला कलक्टर सिरोही को अवगत करवायेंगे। इसी क्रम में निर्देशानुसार नवाचार ओडीके एप के माध्यम से डेंगू, मलेरिया कन्ट्रोल करने हेतु ओडीके एप वैक्टर बोर्न डिजीज, ओडीके एप सुधार एवं ओडीके एप मरूधर बनाया गया है। जो कि अर्न्तविभागीय समन्वय के साथ मच्छर जनित बिमारियों की रोकथाम व बचाव के लिए एक महत्वपूर्ण नवाचार है।

ओडीके एप वैक्टर बोर्न डिजीज के माध्यम से फिल्ड स्टाफ पानी के स्त्रोतों की फोटो खिंचकर जीओ टेंगिंग (लोकेशन) के साथ एप में अपलोड करेंगे व जिसमें कचरा, गडडों में रूका हुआ गंदा पानी, खाली प्लाट में कचरा/पानी, बडे जल स्त्रोतों की गंदगी तथा अन्य स्त्रोत जिससे मच्छरों के लार्वा इत्यादि का निस्तारण स्वायत शासन विभाग व पंचायतीराज विभाग द्वारा किया जायेगा। ओडीके एप सुधार में शहरी क्षेत्रों की प्राप्त शिकायतों का निस्तारण स्वायत शासन विभाग तथा ग्रामीण क्षेत्रों की शिकायतों का निस्तारण पंचायतीराज विभाग द्वारा किया जायेगा। समय-समय पर अन्तरविभागीय समन्वय स्थापित करते हुए संबंधित विभाग श्रीमान जिला कलक्टर, सिरोही को की गई कार्यवाही का विश्लेषण करेंगे। इस हेतु आवश्यक दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जायेगी।

एप में शिकायतों के पूर्व के फोटोग्राफ एवं निस्तारण के पश्चात का फोटोग्राफ अपलोड किया जायेगा जिससे शिकायत निवारण की पुष्टि होगी। इसी क्रम में ओडीके एप मरूधर माध्यम से (डीबीसी) डोमेस्टिक ब्रीडिंग चैकर के माध्यम से घरों के अन्दर मच्छरो के प्रजनन पर नियंत्रण हेतु एन्टीलार्वल, एन्टीएडल्ट व सोर्स रिडक्शन की गतिविधियों को सम्पादित कराया जायेगा तथा इसकी रिपोर्ट जीओ टेंगिंग के साथ की जायेगी जिसकी मोनिटरिंग राज्य एवं जिला स्तर से की जा सकेगी। डीबीसी द्वारा घर के अन्दर की गई गतिविधियों के विश्लेषण के आधार पर उच्च जोखिम क्षेत्रों की पहचान की जायेगी तथा जिन क्षेत्रों में मच्छर के लार्वा का घनत्व (एचआई/बीआई) मानक से अधिक होगा उन क्षेत्रों में टीमों की संख्या बढाकर मच्छररोधी गतिविधियां सम्पादित की जायेगी। ओडीके एप के समुचित उपयोग से मानसून में मलेरिया, डेंगू रोग का प्रभावी नियंत्रण होगा।

संपादक भावेश आर्य

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