मानसुन पूर्व तालाबों की डिसल्टिंग, बबुल कटाई व नालो से अवरोधक हटाने व झोप, बुझ नाले के मार्ग को साफ करवाने की जन हित व जल सरंक्षण को लेकर जिला जल बिरादरी के सचिव हरीश दवे ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया।

सिरोही-जिला जल बिरादरी के सचिव हरीश दवे ने जिला कलेक्टर को सौपे ज्ञापन में बताया की विगत वर्षो से प्रतिवर्ष जिला जल बिरादरी नगर के विलुप्त हो रहे तालाबों की डिसिल्टिंग व बबुल कटाई जिला प्रशासन व जन सहयोग से करती है। विगत दशकों में पुराना बस स्टेण्ड़, लाखेलाव तालाब, कालकाजी तालाब, दुधिया तालाब व निडोरा तालाब में जल बिरादरी द्वारा डिसिल्टिंग कार्य से वर्षभर तालाबों में पानी का भराव रहता है।
वर्तमान में कालकाजी बांध का एक तिहाई भाग कंटिले बबुल की झाड़ियों से अटा पटा है व उसमें भारी सिल्ट जमा है तथा जल आवक मार्गो पर भी अवरोधक है। पहले कालकाजी बांध जल संसाधन खण्ड़ के अधीन था व अब इसे सिरोही नगर परिषद् को सौपा है तथा तालाब की भूमि पर अवैध अतिक्रमण के भी केचमेन्ट एरिया में हुए है। जिसमें अवैध नियमन भी हुए है।
माननीय जिला कलेक्टर महोदय जनहित व वर्षा जल संरक्षण के क्रम में निवेदन है कि की सिरोही नगर के कालकाजी, लाखेलाव, अखेलाव, निडोरा, दुधिया तालाब के नालों के आवक मार्ग बन्द है। एलएनटी व निर्माण ठेकेदारो तालाबो के आवक मार्गो पर मलबा ड़ालते है व अनेक तालाब व नाले अतिक्रमणों की चपेट में है। यह कार्य विगत दशको से नगरपरिषद्, तहसील, प्रशासन व राजनीतिक वरद हस्त में हो रहा है। जिसमें प्राकृतिक नाले भी चपेट में आ चुके हैं व अनेक तालाबों का अस्तित्व समाप्त हो चुका हैं व समाप्ति की ओर है।
माननीय जिला कलेक्टर महोदय इस बाबत् आवश्यक जाँच कर झोप व बुझ नाले व निडोरा व दुधिया तालाब के नालो के अवरोधक हटाने व कालकाजी तालाब की कंटिली झाडिया जेसीबी मशीन से हटाने व शहरी मनरेगा मजदूरो व जन सहयोग से तालाबों की डिसिल्टिंग करवाने के आदेश जारी करावें।
दवे ने ज्ञापन में बताया की लाखेलाव तालाब के आवक मार्ग झोप व कालकाजी के आवक मार्ग अतिक्रमण की चपेट में उजड़ते जा रहे है व कालकाजी बांध की कंटिली झाडिया मानसुन व बारिश के दौरान कोई मवेशी व इन्सान इन झाडियों में फंस गया तो उसे रेस्क्यू करने में भी दिक्कत होगी। अगर कालकाजी बांध का अभी से डिसिल्टिंग कार्य जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जन सहयोग से शीघ्र शुरू हो तो वर्षा जल का पर्याप्त भण्डारण कालकाजी बांध में हो सकता है।
माननीय जिला कलेक्टर महोदय इस बाबत् जल संरक्षण की दिशा में उचित कार्यवाही के प्रबंध का श्रम फरमायेंगे।



संपादक भावेश आर्य



