गायत्री शक्तिपीठ में 38वां वार्षिकोत्सव मनाया,सिरोही एवं उड़ में मंदिर शिखर पर ध्वजा चढ़ाई

सिरोही(हरीश दवे) ।

शहर के गायत्री शक्तिपीठ एवं समीपवर्ती उड गांव के गायत्री प्रज्ञा पीठ में शुक्रवार को 38वां वार्षिकोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस मौके पर मंदिर पर वार्षिक ध्वजा चढ़ाई। कार्यक्रम के तहत वैदिक मंत्रोचार के साथ एक कुण्डीय यज्ञ में आहुतियां देकर सर्वत्र शान्ति की कामना की ।
गायत्री शक्ति पीठ की प्रधान ट्रस्टी रंजनदेवी ने बताया कि गायत्री शक्तिपीठ नैतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक चेतना और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बने इसके लिए हमें सार्थक प्रयास करना चाहिए। उन्होने बताया कि मंदिर पर लगा ध्वज आध्यात्मिक उत्थान और चेतना की उच्च अवस्थाओं का प्रतीक माना जाता है। यह आत्मा की उन्नति को दिखाता है। मुख्य रूप से हिंदू मंदिरों में लहराने वाला ये ध्वज अधर्म पर धर्म की विजय और सांसारिक चुनौतियों पर भक्तों की आध्यात्मिक विजय का प्रतीक माना जाता है।
उन्होने उपस्थित लोगेा से कहा कि हमें गायत्री शक्ति पीठ के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के बताए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए तभी विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। इस अवसर पर पूर्व प्रधान ट्रस्टी रमेश गोमतीवाल ने बताया कि 1987 में गायत्री शक्तिपीठ सिरोही एवं उड में गायत्री प्रज्ञा पीठ की स्थापना हुई थी उन्होने स्थापना से लेकर वर्तमान तक की उपलब्धियों के बारे में बताया। परिवाजक राधेश्याम ने गायत्री शक्तिपीठ में पुंसवनसंस्कार, ग्रभोत्सव, अन्नप्राशन संस्कार और विद्यारंभ संस्कार सहित सोलह संस्कारो के निशुल्क अनुष्ठान कार्यक्रम के बारे में बताया।
गायत्री शक्ति पीठ के मीडिया प्रभारी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि आध्यात्मिक उन्नति के लिए धन की नहीं बल्कि मन, वचन और कर्म की जरूरत है। इस अवसर पर परमवीरसिंह,अंबालाल,रघुनाथ माली,हरिश रावल,रमेश सोनी,दलाराम कुम्हार,जवानाराम माली,जगदीश चुन्नीलाल,प्रियंका,मंशीदेवी,भूरीदेवी,संतोष,कमलादेवी,मंजूदेवी,मीना,गायत्री मंदिर की ट्रस्टी शुचित गोमतीवाल,शालिनी वर्मा,संतोष प्रजापत,सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे।



संपादक भावेश आर्य



