खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीण लामबंद,वाटेरा में विशेष ग्राम सभा में खनन परियोजना के विरोध में प्रस्ताव पारित, ग्राम सभा में उमड़ा जन सैलाब

वाटेरा में सांसद खेल महोत्सव का ग्रामीणों ने किया बहिष्कार का ऐलान
सिरोही(हरीश दवे)।

पिण्डवाड़ा उपखंड के वाटेरा गांव में मंगलवार को थम्ब बाबा मंदिर परिसर में आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने प्रस्तावित खनन परियोजना के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। ग्राम सभा में मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 800.9935 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित खनन परियोजना को निरस्त करने और इस संबंध में सरकार द्वारा किए गए MOU (समझौता ज्ञापन) को तत्काल रद्द करने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
किसान संगठनों का समर्थन, एक स्वर में विरोध
ग्राम सभा में भारतीय किसान संघ के जिला एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिसमे उत्तम सिँह, मावाराम चौधरी, मुकेश रावल, जयंती लाल चौधरी, जब्बर सिँह, कई किसान उपस्थित रहें। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से एक राय होकर प्रस्ताव पारित कराया कि यह परियोजना किसानों, जल स्रोतों और पर्यावरण के लिए विनाशकारी सिद्ध होगी, अतः इसे निरस्त किया जाए।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष “जल, जंगल और जमीन” की रक्षा के लिए है, और ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपने गांव की कोई भी जमीन, खेतों और पर्यावरण को बर्बाद नहीं होने देंगे।
प्रशासक ने की अध्यक्षता, विशेष ग्राम सभा का आयोजित
विशेष ग्राम सभा की अध्यक्षता ग्राम पंचायत वाटेरा की प्रशासक सविता रावल ने की। इस दौरान ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार सहित ग्रामीण मौजूद रहे।
सभा में उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर खनन परियोजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि ग्राम सभा का यह प्रस्ताव क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों तक पहुँचाया जाएगा।
पूरे दिन चली ग्राम सभा
विशेष ग्राम सभा की कार्रवाई पूरे दिन चली। ग्रामीणों ने पूरी एकजुटता से परियोजना का विरोध करते हुए कहा कि इस निर्णय को जिला प्रशासन और राज्य सरकार तक पहुँचाया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रस्ताव को अनदेखा किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 800.9935 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित खनन परियोजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित। सरकार द्वारा किए गए MOU को निरस्त करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया।भारतीय किसान संघ के जिला व राज्य पदाधिकारी रहे उपस्थित।
“जल-जमीन-जंगल” की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प।
खनन परियोजना के विरोध में नहीं होने देंगे गांव में खेल आयोजन
पिण्डवाड़ा क्षेत्र के वाटेरा गांव में प्रस्तावित खनन परियोजना के विरोध ने नया मोड़ ले लिया है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर घोषणा की है कि वे गांव में आयोजित होने वाले सांसद खेल महोत्सव का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार और जनप्रतिनिधि उनकी जमीन, पर्यावरण और जीवन से जुड़ी मूल समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, तब ऐसे दिखावटी आयोजनों की कोई आवश्यकता नहीं है। उनका आरोप है कि मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड को 800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में प्रस्तावित खनन परियोजना से ग्रामीण नाराज है सरकार ने ग्रामीणों के हितों की अनदेखी की है।
थम्ब बाबा मंदिर प्रांगण में आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक खनन परियोजना को रद्द नहीं किया जाता, तब तक वाटेरा में कोई भी सरकारी या राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामवासियों ने कहा कि यह बहिष्कार केवल विरोध नहीं बल्कि अपनी धरती, जल और जंगल की रक्षा का संकल्प है।



संपादक भावेश आर्य



