जांच अधिकारी बदलने पर अभा. अनुसूचित जाति परिषद् एवं समता सैनिक दल ने जिला पुलिस अधीक्षक को जताया आभार,खाम्बल में मूर्ति तोड़ प्रकरण में निष्पक्ष कार्रवाई व दोषी को सजा की मांग

शिरोही(हरीश दवे) ।

गत दिनों खांबल गांव में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने के प्रकरण संख्या 54/2026, थाना सिरोही सदर से संबंधित मामले में पुलिस अधीक्षक, सिरोही द्वारा जांच अधिकारी बदलकर निष्पक्ष एवं न्यायसंगत कार्यवाही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
जिस पर अखिल भारत अनुसूचित जाति परिषद् एवं समता सैनिक दल, जिला सिरोही के जिला अध्यक्ष शंकर लाल गोयल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में कई गंभीर विसंगतियां सामने आई थीं, जिनमें अवैध हिरासत, सीसीटीवी फुटेज की संदिग्ध स्थिति तथा तकनीकी साक्ष्यों की अनदेखी जैसे तथ्य शामिल थे। इन परिस्थितियों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने हेतु जांच अधिकारी बदलना आवश्यक था।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक, सिरोही द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल न्याय व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करेगा, बल्कि वास्तविक दोषियों तक पहुंचने में भी सहायक सिद्ध होगा।
साथ ही, इस प्रकरण को लेकर दिनांक 19/04/2026 को ग्राम खांबल, जिला सिरोही में अनुसूचित जाति समाज के ज्वलंत मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के अधिकार, सम्मान और न्याय से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा हुई।*
बैठक में पूर्व मुख्य शासन सचिव श्री निरंजन आर्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, वहीं पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर.पी. सिंह ने अध्यक्षता की।
बैठक में खांबल गांव में बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
समाज के प्रतिनिधियों ने निष्पक्ष, पारदर्शी एवं वैज्ञानिक जांच की मांग उठाई।
तथा वक्ताओं ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो।*
उसी दिन सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में जन सुनवाई भी आयोजित की गई, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस जन सुनवाई में युवाओं एवं महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने विचार मजबूती से रखे। बेठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के साथ होने वाले अन्याय एवं शोषण को अब और सहन नहीं किया जाएगा।
*समाज न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट है।
समस्त बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के अनुयायियों एवं सामाजिक संगठनों ने इस न्यायोचित कार्यवाही का स्वागत किया है और आशा व्यक्त की है कि खांबल गांव स्थित बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने वाले वास्तविक दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।



संपादक भावेश आर्य



