आयुक्त पॉलिथिन निषेध में असफल,गौवंश की बेमौत पॉलीथिन से हो रही मौत,

सिरोही नगर परिषद क्षेत्र में स्वच्छ भारत अभियान की उड़ रही धज्जियां।
कानून की हो पालना, जनता भी तलाशे विकल्प,
सिरोही(हरीश दवे) ।

सिरोही नगर परिषद क्षेत्र में स्वच्छ भारत अभियान की जिला मुख्यालय पर प्रशाशनिक उदासीनता,केंद्र व राज्य सरकार की गाइड लाइन,सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के दिशा निर्देश सब की धज्जिया उड़ रही है।
सत्तारुढ पार्टी के नेता व विपक्ष बरसो से देखता है।
नगर परिषद की बोर्ड मीटिंगों में प्रस्ताव लिए जाते है।
नगर में एक मात्र स्वयंसेवी संस्था हिन्दू वेव लगातार 20 साल से प्रतिबंधित पॉलीथिन पे कार्रवाई व विकल्प तलाशने का प्रशाशन को निवेदन करती है।
उसके बाद नगर परिषद चुनिंदा व्यापारी व व्यापारी महासंघों के साथ बेठक कर अपने कर्तव्य की इति श्री करती है।
व एसआई कुछ शिस्टाचार की कार्यवाही कर पूरे नगर को पॉलीथिन का डंपिंग यार्ड बना चुके है।
आज शिरोही नगर परिषद के राम झरोखा मैदान,भटकड़ा चौराहा स्कूल,माली छःत्रावास रोड, वाघेला गली,झुपड़ी मार्ग,हाउसिंग बोर्ड,हाइवे,व रात्रि में पूरा सदर बाजार, पुराना बस स्टैंड पॉलीथिन डंप होता है।
जिसमे विभिन्न गॉशालाओ व नगर परिषद की गोशाले के टैग लगे नन्दी व गोमाता व पशु पालकों के छोड़े हुए नन्दी सड़क व कचरा स्टैंड में तपती धूप में प्यासे दूषित पॉलीथिन में सड़ा गड़ा विषाक्त भोजन खाने को मजबूर हो कर पॉलीथिन के पेट में जाने के बाद इलाज के अभाव में कारुणिक मौत झेलने को मजबूर है।
पर पर्यावरण व गोमाता की मौत की जिम्मेदार प्रतिबंधित पोलोथिन जो सफाई कर्मियों व सफाई ठेकेदारो की भी मुसीबत है।
पर जिला प्रशशन ब नगर परिसद ने पोलोथिन के वपराश व उपयोग पर खुली छूट दे रखी है।
जिस वजह से शहर में पोलोथिन प्रदूषण से बीमारियां फैल रही है।
गोमाता अकाल मौत मर रही है।
नष्ट न होने वाले पॉलीथिन से पर्यावरण को खतरा है।
पर आयुक्त,नगर परिषद प्रशशन व प्रश्शनिक अधिकारी बेपरवाह व नगर परिषद की जनता नारकीय त्रासदी झेलने को मजबूर है।
गत दिनों गोमाता को रास्ट्र माता व गोहत्या रोकने की मांग को लेकर रैली निकली।
पर अपने ही नगर में पॉलीथिन खा कर रास्ट्र माता बेमौत मर रही है।
किसी भी राजनेता,संतं महात्मा,आम नागरिक की भावना तो गोमाता के पॉलीथिन खाने से आहत होती है।
पर उसके समाधान में किसी को दिलचस्पी नही।
इसका हल जिला प्रशशन सख्त कानून अमल में ला कर व सजग समाज पोलोथिन के विकल्प को अपना कर रास्ट्र का पर्यावरण व राष्ट्रमाता को कारुणिक मौत से बचा सकता है।


संपादक भावेश आर्य



