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सिरोही नगर परिषद क्षेत्र की जनसमस्याओं व रामझरोखा सनातन धर्म की सम्पत्तियो के बचाव को लेकर हिन्दू वेव जिला संयोजक हरीश दवे 5 फरवरी को करेगे आमरण अनशन

सिरोही- 3 फरवरी(विस) ।

रामझरोखा पट्टा प्रकरण व सनातन धर्म की सम्पत्तियों के खुर्द बुर्द होने अर्बुदा गौशाला, सारणेश्वर गोचर, शहर के अस्थायी अतिक्रमण, अवैध बांध काम, बेसहारा गोवंश की समस्या के साथ सिरोही नगर परिषद की जन समस्याओं को लेकर हिन्दू वेव के जिला संयोजक हरीश दवे ने प्रस्तावित 5 फरवरी गुरूवार को सिरोही नगर परिषद के बाहर आमरण अनशन की चेतावनी को लेकर ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. राजेश गोयल को दिया। इससे पूर्व जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, प्रभरीमंत्री, राज्यमंत्री, सांसद व प्रशासनिक अधिकारियो केा भी ज्ञापन दिया गया। और जिला प्रशासन व नगर परिषद प्रशासन ने इस बाबत में उचित कार्यवाही नही की तो अनिश्चितकालीन आमरण अनशन किया जायेगा।
हिन्दू वेव के जिला संयोजक हरिश दवे ने ज्ञापन में बतााया कि स्वयंसेवी संस्था द हिन्दू वेव सोसायटी फॉर सोशियल एण्ड रिलिजियस एक्टिविटिज सिरोही जिले में विगत ढाई दशक से जन कल्याणकारी सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कार्यरत है तथा जिला मुख्यालय की जनसमस्याओं के लिए पूर्व में भी जन संरक्षण नगर परिषद व गोवंश समस्याओं को लेकर आन्दोलन व आमरण अनशन से राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ठ करवाने में जनता के समस्याओं के समाधान के लिए कार्यरत है।
जिसको लेकर आगामी 29 जनवरी को सिरोही नगर परिषद कार्यालय के बाहर आमरण अनशन को लेकर जिला कलेक्टर को सूचना दी गई थी लेकिन गत दिनों आपके सिरोही प्रवास तथा 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों में प्रशासनिक व्यस्थता को देखते हुए कुछ जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा समस्या समाधान के मौखिक आश्वासन के बाद 29 जनवरी का प्रस्तावित धरना 5 फरवरी 2026 को दिया जायेगा जिसकी प्रमुख मांगो में विगत कई महिनों से शहर सिरोही में स्थित धार्मिक सम्पतियों की अवैध खरीद फरोख्त को लेकर क्षेत्र की जनता में भारी आकोश है। प्रशासन की जानकारी में समस्त तथ्य होते हुये भी आज रोज तक कोई ठोस कार्यवाही नही की है। जिससे हमारी धार्मिक भावनायें आहत हुई है। अपराधियों के हौसले बुलन्द है और आम जन में भय व्याप्त है। रामझरोखा की मंदिर मुर्ति की सम्पतियों की समुचित सुरक्षा करते हुये तत्काल रिसीवर नियुक्त करायें एवम निष्पक्ष उच्च स्तरीय जाँच कार्यवाही कर नगर परिषद् सिरोही द्वारा जारी 8 पट्टे व सीताराम द्वारा 99 वर्षीय लीज दस्तावेज को निरस्त किया जावें एवम् मंदिर की सम्पति मंदिर को सुपुर्द की जावें। महंत राजगुरू सीतारामदास ने रामझरोखा महामंदिर व राजगुरू स्थान प्रन्यास से जुडी जुई सम्पत्तिया अवैध तरीके से बेचान की है व लीज पर दी है उस पर भी कानूनी कार्यवाही की जाये। लाल वेरा हिन्दू शमसान सभा सिरोही की सम्पति खसरा संख्या 2691, 2002, 2693, 2694, 2695 की समुचित सुरक्षा करते हुये माननीय न्यायालय के आदेश अनुरूप सनातन धर्म के समस्त प्रतिनिधियों को साथ लेते हुये जनहित में ट्रस्ट का गठन किया जायें। श्री सारणेश्वरजी कोरीडोर में स्थित दुधिया तालाब को सुरक्षित करते हुये सीमांकन व सीमांकन किया जायें एवं वहां पर हुए धार्मिक व अन्य अतिक्रमणों एवम् अतिचारियों से मुक्त किया जावें। शहर में घुम रहे गोवंश को सुरक्षा के साथ सरकार द्वारा पोषित गोशालाओं में भेजा जाकर ऐसी गोशालाओं का भौतिक सत्यापन करते हुये कठोर दिशा निर्देश जारी किये जायें ताकि शहरवासी स्वच्छद शहर में भम्रण कर सके और मुक पशुधन मानव का कुरता से संरक्षण हो सके एवं अर्बुदा गौशाला व डेयरी फार्म के एमओयू के बाद हुए विकास कार्याे की समीक्षा व ऑडिट के साथ गोचर खातेदारी की भूमि अतिक्रमणों से मुक्त करवाई जाये। शहर में विगत 60 वर्षाे से बिना सक्षम आयुक्त के नगर परिषद क्षेत्र में हुए दर्जनो की तादाद में अवैध अनाधिकृत निर्माण कार्य जो नियम व नक्शे के विपरित नगर परिषद के करोडो का राजस्व हडप आवासीय शुल्क अदा कर अनाधिकृत तरीके से बने है उन्हे चिन्हित कर उन पर कार्यवाही की जाये। गत भाजपा सरकार के कार्यकाल में रूडिप द्वारा करवाये गये सिवरेज परियोजना नगर के आधारभूत ढांचे के परिवर्तन में एलएण्डटी व नगर परिषद, जलदाय विभाग, सानिवि के संयुक्त कार्याे के दौरान नगर के हर वार्ड व मुख्य मार्गाे पर सिवरेज के अव्यवहारिक कार्य की जांच व जनता के हित में कार्य। नगर परिषद बोर्ड द्वारा शहर की भीडभाड को नियंत्रित करने के लिए पूर्व में वेण्डिग जोन घोषित किये है लेकिन वहा पर अस्थायी अतिक्रमण को शिफ्ट नही किया जा रहा तथा पूरा शहर अस्थायी अतिक्रमणो व अवैध पार्किग से घिरा हुआ है तथा अस्थायी अतिक्रमण आवारा पशुओ व अवैध पार्किग से आमजन को जानमाल का नुकसान हो रहा है जिस पर जिला मुख्यालय पर जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नही की जा रही।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री व जिला प्रशासन से मांग की गई उक्त मांगो पर जनहित व सनातन धर्म से जुडी होने के कारण इसकी जांच करवा आवश्यक कार्यवाही के निर्देश जिला कलेक्टर को जारी करावे अन्यथा 5 फरवरी 2026 को मैं सिरोही नगर परिषद कार्यालय के बाहर आमरण अनशन करूंगा जिसकी उत्पन्न स्थिति की जिम्मेदारी जिला प्रशासन व सिरोही नगर परिषद रहेगी।

संपादक भावेश आर्य

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